दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार( 5 मई) को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोस को ₹200 करोड़ की जबरन वसूली के मामले में ED द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में ज़मानत दे दी. हालांकि, लीना (Leena Paulos gets bail in money laundering case) को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा क्योंकि कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत दर्ज एक संबंधित मामले में उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी है.
Leena Paulos gets bail in money laundering case – दरअसल, दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि लीना पॉलोस के पति चंद्रशेखर ने रैनबैक्सी के पुराने प्रमोटरों (शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह) की पत्नियों से ₹200 करोड़ ठगे थे.चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने खुद को लॉ मिनिस्ट्री का ऑफिसर बताया था और दोनों महिलाओं ने अपने पतियों की बेल दिलाने के लिए चंद्रशेखर को कई करोड़ रुपए दिए थे.
इसे भी पढ़ें – दिल्ली मेट्रो और नमो भारत स्टेशनों के पास मिलेंगे किफायती फ्लैट्स; जानें क्या है DDA की नई नीति
लीना पॉलोस भी जुर्म में शामिल
चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोस पर भी इस कथित जुर्म में शामिल होने का आरोप था. लीना को 2021 में एक्सटॉर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 2024 में फाइल की गई पिटीशन में लीना ने ट्रायल में देरी, 3 साल से ज़्यादा समय से जेल में रहने और दूसरे सह-आरोपियों को बेल मिलने के आधार पर जमानत मांगी थी.
लीना के खिलाफ चार्जशीट फाइल
EOW ने लीना पॉलोस के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 170, 186, 384, 386, 388, 419, 420, 406, 409, 420, 468, 471, 353, 506, 120B, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 66D और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ़ ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट, 1999 के सेक्शन 3 और 4 के तहत चार्जशीट फाइल की थी.


