दुमका – एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने कांग्रेस के पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव को एक वर्ष की सजा सुनाई है. हालांकि मौके पर ही उन्हें जमानत भी मिल गई. मामला 2010 में देवघर नगर थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें झारखंड विकास मोर्चा के एक प्रदर्शन के दौरान देवघर समाहरणालय परिसर में हंगामा हुआ था. कुछ लोगों को (congress MLA gets one year jail) पुलिस ने कस्टडी में लेकर स्टेडियम में रखा था. कोर्ट ने माना कि इस दौरान प्रदीप यादव पुलिस कस्टडी में लिए गए लोगों को छुड़ा ले गए थे.
एमपी – एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी ने प्रदीप यादव को भादवि की धारा 225 के तहत एक साल की सजा सुनाई है. वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने दस हजार के दो मुचलकों पर एक माह के लिए स्वीकार किया. इस मामले में सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह समेत 15 लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. रणधीर सिंह भी उस वक्त झाविमो में थे.
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इस केस में 06 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. बता दें कि मामला 15 सितंबर 2010 का है. जब देवघर को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर तत्कालीन झाविमो पार्टी के विधायक प्रदीप यादव नेतृत्व में सड़क से लेकर देवघर समाहरणालय तक प्रदर्शन किया गया था. मामले में दंडाधिकारी के रूप में तैनात सूचक श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपति अधिनियम के तहत खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाया था.
congress MLA gets one year jail – प्राथमिकी में यह उल्लेख था कि जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर देवघर स्टेडियम में रखा गया था, उस वक्त प्रदीप यादव वहां पहुंचे और जोर जबरदस्ती कर लोगों को छुड़ा ले गए. फिर वापस प्रदीप यादव ने देवघर मंडल कारा के सामने सड़क को जाम कर दिया. बाद में जब पुलिस वहां पहुंची तब वे अपने समर्थकों के साथ भाग खड़े हुए.


