भोजपुर : जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बुधवार देर रात एक अहम घटनाक्रम सामने आया। भोजपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बिलौटी गांव स्थित मृतक के आवास पर पहुंचकर परिजनों से सीधी बातचीत की। यह पहली बार था जब जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने खुद पीड़ित परिवार से मिलकर (Bharat Tiwari Encounter) उनका पक्ष सुना।
Bharat Tiwari Encounter – करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात में परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए। मृतक की मां आशा देवी ने स्थानीय जांच पर अविश्वास जताते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की। परिजनों ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और इस मामले में किसी भी स्तर पर लीपापोती नहीं होनी चाहिए।
मृतक के भाई चंदन तिवारी ने परिवार की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और कहा कि उन्हें पुलिस से ही डर लग रहा है। इस पर एसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और उनकी प्रत्यक्ष निगरानी में होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
‘हथियार फेंकने के बाद गोली क्यों?’ – परिवार का बड़ा सवाल
परिवार का सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे या फेंक दिए थे, तो फिर उसे गोली क्यों मारी गई? इस सवाल के जवाब में एसपी ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की बात कही है। हालांकि, भरत के परिजन अभी भी किसी भी सरकारी आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि वे केवल अंतिम न्यायिक परिणाम और न्याय देखना चाहते हैं।


