बालोद: छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटरों की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बालोद में पूर्व विधायक अरुण वोरा और विधायक (Protest Against Electricity Rates) संगीता सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को ‘आर्थिक अत्याचार’ करार दिया है।
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Protest Against Electricity Rates – अरुण वोरा ने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार है जब बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, 12% विद्युत ईंधन अधिभार (FPPA) ने जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में जहां ‘बिजली बिल हाफ’ योजना से राहत थी, वहीं वर्तमान में जनता अनाप-शनाप बिलों से जूझ रही है।
स्मार्ट मीटर का खेल और मनमानी
कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये मीटर वास्तविक खपत से कहीं अधिक तेजी से भाग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विभाग बिना उपभोक्ता की सहमति के उनका ‘सेंक्शंड लोड’ बढ़ा रहा है और फिर एग्रीमेंट से अधिक खपत बताकर भारी पेनल्टी लगा रहा है। साथ ही, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिलों के बीच का अंतर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहा है।


